What is Electric Power? What is Electric Energy?
विधुत ऊर्जा (Electric Energy)––
किसी चालक या परिपथ में विधुत धारा प्रवाहित करने करने के
लिए कुछ कार्य करना पड़ता है जो विधुत ऊर्जा के रूप में संचित हो जाता है |
या किसी चालक मे विधुत आवेश को प्रवाहित करने में जो कार्य
किया जाता है, विधुत ऊर्जा कहलता है| इसे W से प्रदर्शित किया जाता है |
यदि किसी चालक के सिरों के बीच V volt का विभवान्तर
लगाकर उसमें q
coloum आवेश प्रवाहित
किया जाता है तो ––
W = V × q जूल
Unit– विधुत ऊर्जा का मात्रक जूल होता है
विधुत ऊर्जा को निम्न पदों में भी व्यक्त किया जा सकता है
1 विभवांतर तथा धारा के पदों में––
हम जानते हैं कि W = V × q
परंतु q =
it
W = Vit j
2
प्रतिरोध तथा धारा के पदों में–
W = Vit
ओम के नियम से V = iR
W = Ri²t jule
3 प्रतिरोध तथा विभवान्तर के पदों में ––
W = Ri²t
Ohm's Law i = V/R
W = R × V²/R² ×t
W = V²/R² ×t
जूल का ऊष्मीय प्रभाव––
जब
किसी चालक में विधुत धारा प्रवाहित की जाती है तो चालक में ऊष्मा उत्पन्न हो जाती
है | इस घटना को जूल का ऊष्मीय प्रभाव कहते हैं| यही ऊष्मा चालक में विधुत ऊर्जा
के रूप में संचित हो जाती है जिसे जूल ऊष्मा कहते हैं | जूल ऊष्मा को Q से प्रदर्शित किया जाता है |
Q = W/J किलोकैलोरी
यहाँ J एक यांत्रिक तुल्यांक है जिसका मान 4.2 ×
1000 जूल/ किलोकैलोरी होता है |
चालक में प्रवाहित धारा के कारण उसमें उत्पन्न ऊष्मा निम्न बिंदुओं पर निर्भर करती है––––
1 चालक
में उत्पन्न ऊष्मा, उसमें प्रवाहित होने वाली धारा i के वर्ग के अनुक्रमानुपाती होती है
2 चालक
में उत्पन्न ऊष्मा, चालक के प्रतिरोध R के
अनुक्रमानुपाती होती है |
3 चालक
में उत्पन्न ऊष्मा, उसमें प्रवाहित होने वाली धारा के समयंत्राल t के अनुक्रमानुपाती होती है |
विधुत
शक्ति––
परिभाषा–– किसी विधुत परिपथ में प्रति सेकेंड व्यय
होने वाली ऊर्जा को विधुत शक्ति कहते हैं |
या किसी विधुत पारपथ में व्यय ऊर्जाW तथा उसके व्यय होने में लगे समयt के अनुपात को विधुत शक्ति कहते हैं
| इसे p से प्रदर्शित किया जाता है |
P = W/t watt
Unit
of Electric Power––
विधुत ऊर्जा
का मात्रक जूल/सेकेंड या वाट होता है | तथा अन्य बड़े मात्रक किलोवाट तथा मेगावाट भी
होते हैं |
जहां 1kv = 1000 w
1Mv = 1000000w
यांत्रिकी
में प्रयोग होने वाला विधुत शक्ति का अन्य मात्रक अश्व शक्ति(Horse power) होता है |
1 Horse power = 746 watt
यूनिट––
घरेलू तथा औद्योगिक कार्यों में विधुत ऊर्जा को मापने के लिए किलोवाट-घण्टा या Board of Trade Unit (BTU) का प्रयोग किया जाता है , जिसे यूनिट
का जाता है|
1 यूनिट
अथवा 1 किलोवाट-घण्टा विधुत ऊर्जा की वह मात्रा होती है जो किसी 1 किलोवाट शक्ति वाले परिपथ में 1 घण्टे में खर्च होती है |
किसी परिपथ के यूनिटों की संख्या
= वाट×घण्टे / 1000
Dimensional formula–
[ML²Tー³]
जिस प्रकार विधुत ऊर्जा को विभिन्न पदों में व्यक्त किया था उसी प्रकार विधुत शक्ति को भी व्यक्त किया जा सकता है |
हम जानते
हैं कि W = Vit
तथा p = W/t
1 विभवांतर
तथा धारा के पदों में ––
P = W/t
P = Vit/t
P = Vi
2 प्रतिरोध तथा धारा के पदों में ––
P = W/t
P = Ri²t/t
P = Ri² watt
3 प्रतिरोध तथा विभवान्तर के पदों में––
P = W/t
P = V²/R
जूल का नियम ––
उपरोक्त समीकरण के अनुसार
किसी चालक में धारा प्रवाहित होने पर उत्पन्न शक्ति अथवा ऊष्मा के उत्पन्न होने की
दर धारा के वर्ग के या चालक के सिरों के बीच विभवान्तर के अनुक्रमानुपाती होती है |
इसी को ही जूल का नियम कहते हैं |
नोट:- जहां ओम का नियम
लागू होता है वहाँ जूल का नियम भी लागू होता है |
English Translate...
Electric Energy—
W = Vit
Ohm's Law. V = iR
W = Ri²t jule
W = Ri²t
Ohm's Law i = V/R
W = R × V²t/R²
W = V²t/R²
P = W/t
P = Ri²t/t
P = Ri² watt






1 Comments
Nice
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