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चालक (conductor) , धारिता(Capacitance) in hindi and english.

 चालक (Conductor)––

हम जानते हैं कि पदार्थ के अंदर परमाणु की बाहरी कक्षाओं में मुक्त electrons होते हैं

यदि इन पदार्थों पर विभव लगा दिया जाए तो मुक्त electrons एक निश्चित दिशा में गति करने लगते हैं |  ( विधुत विभव के बारे मे आप हमारी post click here पर जाकर सारी जानकारी प्राप्त कर लीजिए )

अत: electrons का एक निश्चित दिशा में गति करना ही विधुत धार का प्रवाहित होना कहलाता है |

यहाँ हमें पता चला कि विधुत धारा के प्रवाह के लिए मुक्त electrons ही उत्तरदाई होते हैं |

चालक क्या होता है ? यह आपको अब आसानी से समझ या जाएगा |

जिन पदार्थों के अंदर मुक्त electrons होते हैं उन पदार्थों में विधुत धारा आसानी से प्रवाहित होने लगती है | एसे पदार्थों को ही चालक कहा जाता है |

अत: चालक पदार्थों में मुक्त electrons की संख्या बहुत अधिक होती है जिससे पदार्थों में सामान्य ताप पर भी विधुत धारा का प्रवाह आसानी से हो जाता है | उदाहरण तांबा , अलुमिनियम , लोहा , चांदी आदि |



चालकों के उपयोग

चालकों का उपयोग मुख्य रूप से विधुत ऊर्जा को एक जगह से दूसरी जगह पहुचाने के लिए किया जाता है | हमारे घर तक जो विधुत आती है वह इन्ही चालकों के तारों द्वारा आती है |

चालक की धारिता

किसी भी चालक को कितना आवेश दिया जा सकता है उस आवेश की निश्चित मात्र एक साथ ही नहीं दी जा सकती | चालक को आवेशीत करने की यह क्रया धीरे धीरे होती है | किसी क्षण पदार्थ को दिया जाने वाला आवेश, उस पदार्थ पर पहले से उपस्थित आवेश के द्वारा प्रतिकर्षित होता है जिससे किसी चालक के आवेश में वृद्दि करने के लिए हमे इस प्रतिकर्षण बल के opposite कार्य करना पड़ेगा | जिससे चालक के विभव में भी वृद्दि हो जाती है| चालक के विभव में यह वृद्दि चालक को दिए गए आवेश के समानुपाती होती है |

कोई भी चालक विभव के एक अधिकतम मान तक ही आवेश ग्रहण कर सकता है | अत: किसी चालक को एक निश्चित मात्र तक ही आवेश दिया जा सकता है |

किसी चालक के आवेश ग्रहण करने की क्षमता को ही चालक की धारिता कहते हैं|

 यदि किसी चालक को q कूलॉम अकेश देने पर उसके विभव में v वोल्ट की वृद्दि होती है तो ये आवेश के समानुपाती होती है |

                             q ∝ V 

                              q = CV

यहाँ C एक नियतांक है जिसे चालक की धारिता कहते हैं।

  C = q/V


किसी चालक की धारिता उस चालक को दिए गए आवेश तथा विभव के अनुपात के बराबर होती है |

यदि किसी चालक को 1 वोल्ट विभव पर आवेश दिया जाता है तो उस चालक की धारिता दिए गए आवेश की मात्रा के बराबर होगी |
Unit of Capacitance––
            धारिता का मात्रक फैरड होता है
              1 फ़ैरड = 1 कूलॉम/ 1 वोल्ट
Dimensional Formula––
 धारिता की विमा = आवेश की विमा / विभव की विमा
 
चालक की धारिता को प्रभावित करने वाले कारक ––
1 किसी चालक की धारिता उस चालक के आकार पर निर्भर करती है अर्थात् क्षेत्रफल में वृद्धि करने पर धारिता में भी वृद्धि हो जाती है | 
2 यदि किसी चालक के पास कोई अन्य चालक रख दिया जाए तो प्रेरण के कारण चालक के विभव में
कमी आ जाती है जिससे धारिता भी बढ़ जाती है |
3 विलत गोलीय चालक की धारिता उस पर आवेश की मात्रा तथा विभव के मान पर निर्भर करती है |
4 चालक की धारिता माध्यम की उपस्थिति पर निर्भर करती है |

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